Published on: 16 May 2026
*आईजीयू में टेक्नोलॉजी ड्रिवन यूथ फॉर विकसित भारत" विषय पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 कार्यक्रम का आयोजन।*
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी के फार्मेसी विभाग के द्वारा हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी निदेशालय, हरियाणा सरकार के सहयोग से "टेक्नोलॉजी ड्रिवन यूथ फॉर विकसित भारत" विषय पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत में अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है I
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने “विकसित भारत 2047” की अवधारणा पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने युवाओं को देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित किया तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों को भारत के उज्ज्वल भविष्य का आधार बताया।
कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी ज्ञान को निरंतर बढ़ाना और समाज तक पहुंचाना आवश्यक है।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर हरीश दुरेजा, महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक ने स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि UAE दुनिया का पहला देश है जिसने कानून लिखने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नई दवाओं के विकास, पारकिंसन रोगियों की रिमोट मॉनिटरिंग, स्मार्ट टैबलेट और डिजिटल हेल्थ इंडस्ट्री जैसे विषयों पर जानकारी दी।
दूसरे मुख्य वक्ता प्रोफेसर विपन कुमार परिहार, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ हरियाणा ने अपने व्याख्यान में मानव सभ्यता के विकास में तकनीक की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि आग की खोज से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक की यात्रा मानव बुद्धिमत्ता और तकनीकी विकास का परिणाम है।
उन्होंने प्राचीन भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों जैसे शून्य की अवधारणा, उन्नत शल्य चिकित्सा तथा वूट्ज स्टील का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तीव्र तकनीकी प्रगति आवश्यक है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रतियोगिता और ओरल प्रेजेंटेशन में बढ़ चढ़कर भाग लिया। अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉक्टर हेमंत कुमार यादव ने कुलपति, कुलसचिव, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, गैर-शिक्षक कर्मचारियों तथा आयोजन समिति के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया।